Tips & Tricks

सही पढ़ाई करके एग्जाम को क्रैक करने का तरीका

सही पढ़ाई करके एग्जाम को क्रैक करने का तरीका

“हमेशा याद रखिये कि सफलता के लिए किया गया आपका अपना संकल्प किसी भी और संकल्प से ज्यादा महत्त्व रखता है।” – अब्राहम लिंकन

1.नियमितता से अध्ययन – पढ़ाई का सही तरीका नियमितता से पडी करना चाहिए । अगर हम निमितता से पढ़ाई नहीं करेंगे, तो किसी भी एग्जाम को सही से पास नहीं कर सकते है हमें एक दिन ही 7 से 8 घन्टे पढ़ाई करना चाहिए ।अगर रोज 7 से 8 घंटे पढ़ाई नहीं कर पाते तो जिस दिन पड़ी काम किया ह उसका भरपाई दूसरे दिन करना चाहिए हमें सप्ताह में 6 घन्टे औसतन करना चाहिए।

हमें असफलता कभी नहीं तोड़ती, हम टूटते हैं अनियमितता से इसलिए अपने अध्ययन में नियमितता लायें। छह घंटा ही पढें लेकिन नियमित पढें।

 

“एक विचार लें. उस विचार को अपनी जिंदगी बना लें. उसके बारे में सोचिये, उसके सपने देखिये, उस विचार को जिए. आपका मन, आपकी मांसपेशिया, आपके शरीर का हर एक अंग, सभी उस विचार से भरपूर हो. और दुसरे सभी विचारों को छोड़ दे. यही सफ़लता का तरीका हैं। “

2. विगत वर्षों में पूछे गये प्रश्नों देंखना-. विगत वर्षों में पूछे गये प्रश्नों को भी देंख लें। इससे अपने तैयारी का स्तर, पूछे जाने वाले प्रश्नों की प्रकृति, बदलते ट्रेंड के बारे में पता चलता है। पुराने पेपर का स्तर पता कर सही तरीके से पढ़ाई को आकर्षित बना सकते है ,और जो टॉपिक पेपर में ज्यादा पूछे जाते है उन पर ज्यादा फोकस करके एग्जाम में अच्छे से अच्छे अंक लाए जा सकते है साथ ही साथ आत्मविश्वास बढ़ता है।

 

यह निश्चय करना की आपको क्या नहीं करना है उतना ही महत्त्वपूर्ण है जितना की यह निश्चय करना की आप को क्या करना है।

 

3.सही अच्छी पुस्तक का चुनाव– पढ़ाई के लिए बहुत पुस्तक पढ़ने की जगह हमें कम पुस्तक अच्छे से से राइटर की पड़नी चाहिए और बार बार उससे पुस्तक को अच्छे से पढ़नी चाहिए।

“यदि कोई एक ही किताब को बार बार पढने का आनंद ना उठा पाए तो उसे पढने का कोई फायदा नही है”

4.एकाग्रता के साथ पढ़ाई करना- पढ़ाई करने में एकाग्रता बहुत ज्यादा जरुरी है बिना एकाग्रता से की गई पढ़ाई से आप किसे सब्जेक्ट को अच्छे से नहीं समझ सकते है आप पढ़ाई करते समय फेसबुक और व्हाट्सएप को बिलकुल उपयोग न करे। आप पढ़ाई करते समय फ़ोन को बंद करके या साइलेंट करके अपने से दूर रख कर पड़ी करना चाहिए जिससे आपके एकाग्रता बनी रहे और आप अच्छी तरह से एकाग्रता से पढ़ सके । आपके जीत का जज्बा/हौसला हासिल करने का एक ही उपाय है अपने लक्ष्य पाने का निरंतर चिंतन और उस दिशा में सार्थक प्रयास ।

                                   

     “सफलता का कोई रहस्य नहीं है, वह केवल अत्यधिक परिश्रम चाहती है।“

  “मुश्किलें वो चीज़े होती है. जो हमें तब दिखती है जब हमारा ध्यान लक्ष्य पर नहीं होता.”

5.सही पढ़ाई करना-आपके खुद के लिए, सेक्शन वाइज अपनी स्ट्रेंथ और कमजोरी के अनुसार एरियाज की पहचान करे । और जो विषय आपको लगता है कमजोर है उसको सही से पढ़ाई करे एक ही विषय को ही ज्यादा समय न दे बल्कि सभी विषय में ध्यान दे । लोगों के बहुत से प्रश्न सुने/पढ़े, बहुतों के उत्तर भी सुने/पढ़े; लेकिन अंतिम निचोड़ तो स्वयं का ही होना चाहिए

“यह निश्चय करना की आपको क्या नहीं करना है उतना ही महत्त्वपूर्ण है जितना की यह निश्चय करना की आप को क्या करना है।”

6.सही टाइम टेबल बनाना– पढ़ाई करने का समय आपको अपने अनुसार रखना चाहिए ।किसी को देख कर नक़ल नहीं करना चाहिए क्योंकि कोई सुबह जल्दी जाग कर पढ़ाई करना पसंद करता है ,तो किसे को रात में पढ़ाई करना अच्छा लगता है ।पढ़ाई का सही टाइम टेबल अपने अनुसार रखे बस पढ़ाई में नियमितता होनी चाहिए। पढ़ाई करते समय के दौरान पर्याप्त नींद, पूर्ण एवं पौष्टिक आहार, व्यायाम/योगा अवश्य करें

“सफल व्यक्ति वही है जो सुबह उठकर पहले यह तय करता है कि आज उसे क्या-क्या काम करने है और रात तक वह उन सारे कामों को कई परेशानियों के बाद भी पूरा कर लेता है।“

 7.पढ़ाई के साथ रिवीजन करना- पढ़ाई करने के साथ रिवीजन बहुत जरुरी है ,आप रोज जितने भी पढ़ाई करते है अगले दिन से पहले पिछले दिन का एक बार रिवीजन करते जाये ।पढ़ाई करते समय एक शॉर्ट नोट भी बनना ले जिससे रिवीजन करने में आसानी होगी साथ ही एग्जाम के समय भी आसानी से आप रिवीजन कर सकोगे।

“लगातार प्रयत्न करने वाले लोगों की गोद में सफलता स्वयं आकर बैठ जाती हैं।”

8.मॉडल पेपर सॉल्व करना – मॉडल पेपर और एग्जाम के विगत पिछले के पेपर सॉल्व करना चाहिए मॉडल पेपर को सॉल्व करते समय टाइम सेट करना चाहिए और सीमित समय के अन्दर सॉल्व करना चाहिए पेपर सॉल्व करने से पेपर सॉल्व करने की स्पीड बढ़ती है और आत्मविश्वास बढ़ता है पेपर सॉल्व करने से एग्जाम समय सही से टाइम को मैनेज कर सकते है और कम समय में अच्छे से अच्छे नंबर ला सकेंगे।

 “आपका समय सीमित है, इसलिए इसे किसी और की जिंदगी जी कर व्यर्थ मत कीजिये। बेकार की सोच में मत फंसिए, अपनी जिंदगी को दूसरों के हिसाब से मत चलाइए। औरों के विचारों के शोर में अपने अंदर की आवाज़ को, अपने इन्ट्यूशन को मत डूबने दीजिए। वे पहले से ही जानते हैं की तुम सच में क्या बनना चाहते हो, बाकि सब गौड़ है।”

You Might Also Like

One comment

  1. 1

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>